SEARCH
Log in
अन्य
0

संतरा

संतरा एक फल है। संतरे को हाथ से छीलने के बाद पेशीयोँ को अलग कर के चूसकर खाया जा सकता है। सँतरे का रस निकालकर पीया जा सकता है। संतरा ठंडा, तन और मन को प्रसन्नता देने वाला है। उपवास और सभी रोगों में नारंगी दी जा सकती है। जिनकी पाचन शक्ति खराब हो, उनको नारंगी का रस तीन गुने पानी में मिलाकर देना चाहिये। एक व्यक्ति को एक बार में एक या दो नारंगी लेना पर्याप्त है। एक व्यक्ति को जितने विटामिन ‘सी’ की आवश्यकता होती है, वह एक नारंगी प्रतिदिन खाते रहने से पूरी हो जाती है। खांसी-जुकाम होने पर नारंगी के रस का एक गिलास नित्य पीते रहने से लाभ होगा। स्वाद के लिये नमक या मिश्री डालकर पी सकते है।

पौष्टिक गुण

संतरा एक स्वास्थ्यवर्धक फल है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन सी होता है। लोहा और पोटेशियम भी काफी होता है। संतरे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें विद्यमान फ्रुक्टोज, डेक्स्ट्रोज, खनिज एवं विटामिन शरीर में पहुंचते ही ऊर्जा देना प्रारंभ कर देते हैं। संतरे के सेवन से शरीर स्वस्थ रहता है, चुस्ती-फुर्ती बढ़ती है, त्वचा में निखार आता है तथा सौंदर्य में वृद्धि होती है। प्रस्तुत है इसके कुछ प्रयोग-

संतरे का एक गिलास रस तन-मन को शीतलता प्रदान कर थकान एवं तनाव दूर करता है, हृदय तथा मस्तिष्क को नई शक्ति व ताजगी से भर देता है। पेचिश की शिकायत होने पर संतरे के रस में बकरी का दूध मिलाकर लेने से काफी फायदा मिलता है।

संतरे का नियमित सेवन करने से बवासीर की बीमारी में लाभ मिलता है। रक्तस्राव को रोकने की इसमें अद्भुत क्षमता है। तेज बुखार में संतरे के रस का सेवन करने से तापमान कम हो जाता है। इसमें उपस्थित साइट्रिक अम्ल मूत्र रोगों और गुर्दा रोगों को दूर करता है। दिल के मरीज को संतरे का रस शहद मिलाकर देने से आश्चर्यजनक लाभ मिलता है। संतरे के सेवन से दाँतों और मसूड़ों के रोग भी दूर होते हैं। छोटे बच्चों के लिए तो संतरे का रस अमृततुल्य है। उन्हें स्वस्थ व हृष्ट-पुष्ट बनाने के लिए दूध में चौथाई भाग मीठे संतरे का रस मिलाकर पिलाने से यह एक आदर्श टॉनिक का काम करता है जब बच्चों के दाँत निकलते हैं, तब उन्हें उल्टी होती है और हरे-पीले दस्त लगते हैं। उस समय संतरे का रस देने से उनकी बेचैनी दूर होती है तथा पाचन शक्ति भी बढ़ जाती है।पेट में गैस, अपच, जोड़ों का दर्द, उच्च रक्तचाप, गठिया, बेरी-बेरी रोग में भी संतरे का सेवन बहुत कुछ लाभकारी होता है। गर्भवती महिलाओं तथा यकृत रोग से ग्रसित महिलाओं के लिए संतरे का रस बहुत लाभकारी होता है। इसके सेवन से जहाँ प्रसव के समय होने वाली परेशानियों से मुक्ति मिलती है, वहीं प्रसव पीड़ा भी कम होती है। बच्चा स्वस्थ व हृष्ट-पुष्ट पैदा होता है।

संतरे का सेवन जहाँ जुकाम में राहत पहुँचाता है, वहीं सूखी खाँसी में भी फायदा करता है। यह कफ को पतला करके बाहर निकालता है। संतरे के सूखे छिलकों का महीन चूर्ण गुलाब जल या कच्चे दूध में मिलाकर पीसकर आधे घंटे तक लेप लगाने से कुछ ही दिनों में चेहरा साफ, सुंदर और कांतिमान हो जाता है। कील मुँहासे-झाइयों व साँवलापन दूर होता है।

संतरे के ताजे फूल को पीसकर उसका रस सिर में लगाने से बालों की चमक बढ़ती है। बाल जल्दी बढ़ते हैं और उसका कालापन बढ़ता है। संतरे के छिलकों से तेल निकाला जाता है। शरीर पर इस तेल की मालिश करने से मच्छर आदि नहीं काटते।बच्चे, बूढ़े, रोगी और दुर्बल लोगों को अपनी दुर्बलता दूर करने के लिए संतरे का सेवन अवश्य करना चाहिए। संतरे के मौसम में इसका नियमित सेवन करते रहने से मोटापा कम होता है और बिना डायटिंग किए ही आप अपना वजन कम कर सकते हैं

इस तरह संतरा सेहत को ही नहीं, खूबसूरती को भी संवारता है। हमेशा पके व मीठे संतरे का ही सेवन करना चाहिए। गर्मियों में संतरे की फसल अपने पूरे जोर पर होती है।

अन्य भाषाओं में

सामान्य हिन्दी – संतरा

मैथिली – संतोला या समतोला

बांग्ला – कॊमॊला लेबू

तमिल – आरंजु (तमिळ भाषा – (तमिळ हिज्जा अशुद्ध हो सकता है))

एक नारंगी, विशेष रूप से, मीठी संतरे, नींबू है। एल, या साइट्रस का पेड़ और उसके फल. संतरे की खेती प्राचीन मूल के एक संकर, के बीच संभवतः है और कीनू । यह एक छोटा सा फूल के बारे में 10 सदाबहार पत्ते, जो बारी की व्यवस्था, मुनाफा और 4-10 सेमी लंबे समय से ovate आकार के होते हैं साथ लंबा मी बढ़ती वृक्ष है। नारंगी फल एक, बेरी का एक प्रकार है

दक्षिण पूर्व एशिया में उत्पन्न संतरे। का फल मीठा नारंगी कहा कि यह साइट्रस का पेड़ से अलग, कड़वी नारंगी है। नाम के अंत में अपने अंतिम रूप से नारंगी का पेड़, के लिए द्रविड़ और तमिल शब्द से प्राप्त विकासशील मध्यवर्ती अनेक भाषाओं के माध्यम से गुजर जाने के बाद लगा है। सभी साइट्स पेड़ों एकल जीनस, साइट्रस के हैं और काफी हद तक रह , वह है, वहाँ केवल एक जो grapefruits, नींबू, नीबू और संतरे शामिल है। फिर भी, नाम जीनस के विभिन्न सदस्यों को दिया गया है, संतरे अक्सर और साइट्रस पेड़ के रूप में भेजा जा रहा है। जीनस साइट्रस के सभी सदस्यों का फल जामुन माना जाता है क्योंकि वे कई बीज है, हैं मांसल और नरम और एक ही अंडाशय से निकाले जाते हैं। नारंगी रंग का बीज एक घायल करना कहा जाता है। छील के अंदर से जुड़ी सामग्री की तरह सफेद धागे कथित मज्जा है।

Share:
  • googleplus
  • linkedin
  • tumblr
  • rss
  • pinterest
  • mail

Written by admin

There are 0 comments

Leave a comment

Want to express your opinion?
Leave a reply!

Leave a Reply